Heatwave Schools Holiday 2026: देशभर में गर्मी ने इस साल अप्रैल की शुरुआत से ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं और कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है जिससे आम जनजीवन के साथ साथ सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। तेज धूप लू और डिहाइड्रेशन के खतरे को देखते हुए राज्य सरकारें लगातार अलर्ट मोड में हैं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों की टाइमिंग बदलने गर्मी की छुट्टियां जल्दी घोषित करने और जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने जैसे फैसले ले रही हैं जिससे अभिभावकों की चिंता भी कुछ हद तक कम हुई है।
उत्तर प्रदेश में लू से बचाव के लिए बदली स्कूल टाइमिंग
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा निदेशक लखनऊ द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि लू Heatwave के बढ़ते खतरे को देखते हुए सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जरूरी सावधानियां अपनाई जाएं और यह निर्देश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पत्र के आधार पर जारी किए गए हैं जिसके बाद प्रयागराज वाराणसी समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग सुबह कर दी गई है ताकि बच्चे तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में आने से पहले ही सुरक्षित घर लौट सकें साथ ही स्कूलों को पीने के पानी छाया और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में समय से पहले घोषित हुई गर्मी की छुट्टियां
छत्तीसगढ़ सरकार ने बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा और अहम फैसला लेते हुए स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां तय समय से पहले घोषित कर दी हैं जिसके तहत राज्य के सभी सरकारी प्राइवेट और सहायता प्राप्त स्कूलों में 20 अप्रैल से 15 जून तक अवकाश रहेगा और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस फैसले को बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा बताते हुए कहा कि सरकार किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती जिससे अभिभावकों को राहत मिली है और बच्चों को भी तेज गर्मी से बचने का मौका मिलेगा।
उत्तराखंड में स्कूलों में बजेगी वॉटर बेल
उत्तराखंड सरकार ने गर्मी के इस बढ़ते प्रभाव को देखते हुए एक अनोखी और जरूरी पहल करते हुए स्कूलों में वॉटर बेल सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं जिसके तहत निर्धारित अंतराल पर घंटी बजाई जाएगी ताकि छात्र नियमित रूप से पानी पीते रहें और डिहाइड्रेशन का शिकार न हों इसके साथ ही मुख्य सचिव द्वारा यह भी निर्देश दिए गए हैं कि सभी स्कूलों में प्राथमिक उपचार की सुविधा जरूरी दवाइयां और स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
मध्य प्रदेश में स्कूल टाइमिंग में बदलाव
मध्य प्रदेश के कई जिलों खासकर सतना में प्रशासन ने बच्चों को दोपहर की चिलचिलाती धूप से बचाने के लिए स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव करते हुए उन्हें सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित करने का निर्णय लिया है जबकि शिक्षकों को 1:30 बजे तक स्कूल में रहने के निर्देश दिए गए हैं इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह है कि छात्र अपने घर सुरक्षित समय पर लौट सकें और उन्हें लू या अत्यधिक गर्मी के संपर्क में कम से कम आना पड़े जिससे उनकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
ओडिशा में स्कूल बंद और मॉर्निंग शिफ्ट लागू
ओडिशा में भीषण गर्मी और रेड अलर्ट की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों जैसे बलांगीर सुबरनापुर और कालाहांडी में स्कूल और कॉलेजों को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है वहीं इससे पहले राज्य सरकार ने सभी स्कूलों को मॉर्निंग शिफ्ट में चलाने का आदेश जारी किया था जिसके तहत कक्षाएं सुबह 6:30 बजे से 10:30 बजे तक संचालित की जा रही हैं ताकि छात्र दिन के सबसे गर्म समय से पहले ही घर लौट सकें और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
तेलंगाना में कूलिंग सेंटर और वॉटर ब्रेक
तेलंगाना सरकार ने भी हीटवेव के बढ़ते असर को देखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिनमें स्कूलों में वॉटर बेल लागू करना खुले स्थानों पर कक्षाएं संचालित करने पर रोक लगाना और सार्वजनिक स्थानों जैसे मॉल धार्मिक स्थल और अन्य भवनों को कूलिंग सेंटर के रूप में इस्तेमाल करना शामिल है इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों के समय को घटाकर सुबह 11 बजे तक सीमित कर दिया गया है ताकि छोटे बच्चों को भीषण गर्मी से बचाया जा सके और उनकी सेहत पर कोई असर न पड़े।
केरल में छुट्टियों में क्लास पर सख्ती
केरल सरकार ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान कोई भी स्कूल या संस्थान विशेष कक्षाएं आयोजित नहीं करेगा और शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई स्कूल इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को इस भीषण गर्मी के दौरान पर्याप्त आराम मिल सके और वे किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या से दूर रहें।
अभिभावकों और छात्रों के लिए जरूरी
देशभर में हीटवेव का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है और ऐसे में जरूरी है कि अभिभावक और छात्र दोनों ही सतर्क रहें और सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें बच्चों को हल्के और ढीले कपड़े पहनाने उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाने घर से निकलते समय सिर ढकने और दोपहर की तेज धूप से बचने जैसी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी बच्चों की सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है इसलिए जागरूक रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।



